लंबी बैटिंग लाइनअप के चक्कर में कमजोर हो रही गेंदबाजी?
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बल्लेबाजी को आठवें नंबर तक मजबूत करने के चक्कर में गेंदबाजी के संतुलन से समझौता नहीं करना चाहिए।
गावस्कर के मुताबिक, टी20 टीम में चार नियमित गेंदबाजों के साथ दो ऐसे ऑलराउंडर होने चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सकें। उन्होंने यह बात जियोहॉटस्टार के ‘हायर क्रिकेट लाइव’ कार्यक्रम में कही।
चार मुख्य गेंदबाजों के साथ उतरने की सलाह
गावस्कर ने कहा कि टीम को चार विशेषज्ञ गेंदबाजों पर भरोसा करना चाहिए और पांचवें-छठे गेंदबाज के विकल्प के तौर पर ऑलराउंडरों को शामिल किया जा सकता है। उन्होंने नमन धीर और अक्षर पटेल का उदाहरण दिया।
उनके अनुसार, नमन धीर बल्लेबाजी के साथ कुछ ओवर गेंदबाजी कर सकते हैं, जबकि अक्षर पटेल अपने चार ओवर का कोटा पूरा करने में सक्षम हैं। गावस्कर का मानना है कि इस तरह टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच बेहतर संतुलन बना सकती है।
‘हार्दिक पांड्या की जगह कोई नहीं ले सकता’
गावस्कर ने हार्दिक पांड्या के विकल्प की तलाश पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हार्दिक जैसे खिलाड़ी को हूबहू रिप्लेस करना आसान नहीं है। अगर उसी स्तर का खिलाड़ी उपलब्ध नहीं है, तो टीम को ऐसे खिलाड़ियों पर विचार करना चाहिए, जो अलग-अलग भूमिकाओं में योगदान दे सकें।
उन्होंने नमन धीर की बल्लेबाजी का भी जिक्र किया। नमन ने पांचवें टी20 मुकाबले में छह गेंदों पर 24 रन बनाए थे।
भारत-वेस्टइंडीज सीरीज 2-2 से बराबर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज 2-2 से बराबर रही, जबकि निर्णायक पांचवां मुकाबला बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका। गावस्कर ने कहा कि इस मैच में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन देखना दिलचस्प होता, क्योंकि बारिश के चलते खेल आगे नहीं बढ़ पाया।
उनकी टिप्पणी से टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में विशेषज्ञ गेंदबाजों और ऑलराउंडरों के बीच संतुलन को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है। हालांकि, टीम के प्रदर्शन पर पिच, परिस्थितियों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन का भी असर पड़ता है।