दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री उर्फ 'मामा' को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, दीपक कथित तौर पर गैंग के कानूनी मामलों में मदद करने के साथ-साथ उसके सदस्यों के संपर्क में था। अगस्त 2026 में उसे कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।
जांच के मुताबिक, दीपक का शुरुआती संपर्क नीरज बवानिया गैंग से हुआ था। बाद में उसकी मुलाकात लॉरेंस बिश्नोई से हुई और वह काला जठेड़ी, जग्गू भगवानपुरिया तथा अन्य गैंग से जुड़े लोगों के संपर्क में आया। पुलिस का दावा है कि जेल में बंद आरोपियों से जुड़े कानूनी और अन्य खर्चों की व्यवस्था में भी उसकी भूमिका रही।
फर्जी मार्कशीट का मामला भी सामने आया
दीपक की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी जांच चल रही है। अमरोहा में उसके खिलाफ कथित फर्जी 12वीं की मार्कशीट के जरिए B.A.LL.B. में दाखिला लेने के आरोप में FIR दर्ज हुई है। विश्वविद्यालय ने दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे थे, जिसके बाद संबंधित बोर्ड ने मार्कशीट को वास्तविक नहीं माना।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में और कौन लोग शामिल थे। साथ ही, गैंग से जुड़े अन्य लोगों और कानूनी नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।