वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह अपने केली कुंज आश्रम पहुंचे। शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के 14 दिन बाद उनके आश्रम पहुंचने की खबर सामने आते ही भक्तों में उत्साह देखने को मिला। महाराज सुबह करीब 5:15 बजे मांट स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम से वाहनों के काफिले के साथ वृंदावन पहुंचे। यहां कुछ देर रुकने के बाद वह अपने गुरु के दर्शन करने के लिए रवाना हो गए। <Cite refs={["turn620912search2","turn620912search5"]}/>
केली कुंज में भक्तों ने लगाए जयकारे
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम में करीब 20 मिनट रुके। उनकी एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु वहां पहुंचने लगे और भक्तों ने ‘श्री हरिवंश’ तथा ‘राधे-राधे’ के जयकारे लगाए। इसके बाद महाराज वराह घाट स्थित अपने गुरु श्री हित गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और दर्शन किए। फिर वह मांट स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम लौट गए। <Cite refs={["turn620912search2","turn620912search1"]}/>
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद चर्चा में था आश्रम
गौरतलब है कि 25 सितंबर 2026 को प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था, की वृंदावन में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे और पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद आश्रम में दीक्षा और नियमित दर्शन संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाए जाने की खबरें भी आई थीं। <Cite refs={["turn620912search11","turn620912search13"]}/>
आश्रम छोड़ने की अफवाहों पर क्या हुआ?
शिष्य की मौत के बाद सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम छोड़कर हमेशा के लिए एकांतवास में चले जाने जैसी चर्चाएं चल रही थीं। उनके आश्रम पहुंचने से इन अटकलों को विराम मिला है। हालांकि, उनकी यात्रा को लेकर किसी अलग आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।