Azam Khan News: समाजवादी पार्टी नेता आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच आगे बढ़ रही है। एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, ट्रस्ट को मिले चंदे और यूनिवर्सिटी के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है।
संदिग्ध फर्मों और खातों की पड़ताल
रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने अगस्त में रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए। अब जांच एजेंसी इन रिकॉर्ड में सामने आए वित्तीय लेनदेन और संबंधित फर्मों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। कुछ ऐसी फर्मों पर भी नजर है, जिनसे ट्रस्ट को कथित तौर पर चंदा या भुगतान किए जाने की जानकारी मिली है।
सरकारी ठेकों की रकम से जुड़ा एंगल
ED यह भी जांच रही है कि सरकारी परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों ने कथित तौर पर निजी माध्यमों के जरिए रकम ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंचाई या नहीं। एजेंसी ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए लेनदेन तथा निर्माण कार्यों में इस्तेमाल धन के स्रोत को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पूछताछ का दायरा बढ़ा
सितंबर में जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति से भी कई घंटे पूछताछ की गई थी। उनसे ट्रस्ट के चंदे, निर्माण खर्च और ठेकेदारों से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर जानकारी मांगी गई। आगे ED संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है।