CJP Protest Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी और कई वामपंथी दलों का समर्थन मिलने की खबर है। इसके अलावा, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और किसान संगठनों से जुड़े नेताओं ने भी प्रदर्शन के समर्थन में आवाज उठाई है। वहीं, कांग्रेस की इस प्रदर्शन से दूरी चर्चा का विषय बनी हुई है।
किन राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन?
प्रदर्शन में CPM, CPI, CPI-ML, RSP और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक सहित कई वामपंथी दलों के शामिल होने की बात कही गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी परिवार के साथ प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में युवाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि जनता की आवाज को ताकत के बल पर नहीं रोका जा सकता। हालांकि, अलग-अलग दलों के समर्थन और उनकी भागीदारी की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित नेताओं के आधिकारिक बयानों से की जानी चाहिए।
योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी समर्थन में
सिविल सोसाइटी से जुड़े योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को लेकर आपत्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, यूट्यूबर ध्रुव राठी और किसान नेता राकेश टिकैत तथा गुरनाम सिंह चढूनी के समर्थन का भी जिक्र किया गया है।
प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पाबंदियां लगाई हैं। इस बीच, बीजेपी के कुछ नेताओं ने CJP को आम आदमी पार्टी की ‘बी टीम’ बताया है। हालांकि, यह राजनीतिक आरोप है। अब प्रदर्शन में नेताओं और समर्थकों की वास्तविक भागीदारी पर सबकी नजर रहेगी।