जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था करने वाले मोहम्मद जुनैद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रही है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की गई है।
याचिका के मुताबिक, जुनैद का आरोप है कि पुलिस उन्हें दिल्ली से उठाकर कई घंटों तक अपने साथ ले गई और बाद में हरिद्वार के पास छोड़ दिया। इस दौरान उन्हें कथित तौर पर धमकाया भी गया। उन्होंने यह भी दावा किया है कि पुलिस उनके पिता और बहन के ससुराल पक्ष के लोगों को भी परेशान कर रही है।
कौन हैं मोहम्मद जुनैद?
मोहम्मद जुनैद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नाहल गांव के रहने वाले हैं। CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान वह संगठन में किसी औपचारिक पद पर नहीं थे, लेकिन आंदोलन में शामिल युवाओं के लिए भोजन, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं संभालते थे। प्रदर्शन के अंतिम दिनों में वह 'जुनैद भाई' के नाम से आंदोलन का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए।
पहले भी सुर्खियों में आया था नाम
जुनैद का नाम उस समय चर्चा में आया था जब पुलिस उनके घर पहुंची और तलाशी ली। परिवार का आरोप है कि पुलिस उनके पिता को थाने ले गई और बैंक पासबुक, पैन कार्ड समेत कई दस्तावेज जब्त कर लिए। परिवार ने यह भी दावा किया कि मेरठ में रहने वाले उनके रिश्तेदारों को भी परेशान किया गया।
हालांकि, मेरठ पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि जिले के किसी भी थाने में जुनैद के रिश्तेदारों को हिरासत में लेने या उनके खिलाफ किसी कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि अदालत पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या रुख अपनाती है।