अगर आप इस साल दीवाली या छठ पर फ्लाइट से घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यात्रा का बजट बढ़ सकता है। केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों के किराए पर किसी तरह की कानूनी सीमा यानी फेयर कैप लगाने से इनकार किया है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से एयरलाइंस को किराए को उचित स्तर पर रखने की सलाह दी जाएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार त्योहारों के दौरान हवाई किराए पर कैप नहीं लगाएगी। उन्होंने बताया कि एयरलाइंस के साथ लगातार बातचीत की जाती है और कंपनियों से यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने के लिए किराए को नियंत्रित रखने का आग्रह किया जाएगा।
ATF की कीमतों का किराए पर असर
सरकार के मुताबिक, एयरलाइंस के परिचालन खर्च में एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की बड़ी हिस्सेदारी होती है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर एयरलाइंस की लागत बढ़ती है, जिसका असर टिकट के किराए पर भी पड़ सकता है।
मंत्री ने बताया कि एयरलाइन के ऑपरेटिंग कॉस्ट में ATF की हिस्सेदारी करीब 40 से 43 फीसदी तक हो सकती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर हवाई किराए पर पड़ना संभव है।
दीवाली-छठ पर बढ़ सकती है मांग
दीवाली और छठ के दौरान दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जाने वाली फ्लाइट्स की मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ सीमित सीटों पर किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार का कहना है कि वह एयरलाइंस के संपर्क में रहेगी और कंपनियों से त्योहारी सीजन में किराए को उचित रखने की अपील करेगी। हालांकि, फिलहाल टिकट की कीमतों पर कोई कानूनी अधिकतम सीमा लागू करने की योजना नहीं है।