बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने देश में युवाओं, खासकर Gen Z की राजनीतिक भूमिका और हालिया छात्र आंदोलनों को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि Gen Z का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसका सबसे बड़ा दौर अभी आना बाकी है।
एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी बड़े राजनीतिक आंदोलन का असर तुरंत दिखाई नहीं देता। उनके मुताबिक, आज जो युवा सड़क पर उतर रहे हैं, उनके आंदोलन का वास्तविक प्रभाव अगले एक से दो वर्षों में देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में यह और व्यापक रूप ले सकता है।
प्रशांत किशोर ने इसकी तुलना अन्ना हजारे आंदोलन से करते हुए कहा कि उस आंदोलन का प्रभाव भी तुरंत नहीं दिखा था, बल्कि कुछ वर्षों बाद उसने राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदल दी। उनका मानना है कि आज के युवा भी उसी तरह बदलाव की जमीन तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, इस पीढ़ी का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। पहले टीवी और फिर व्हाट्सऐप ने जिस तरह लोगों को जोड़ा था, अब वही भूमिका इंस्टाग्राम निभा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी आंदोलन की ताकत केवल सोशल मीडिया नहीं, बल्कि उससे जुड़े मुद्दे और लोगों का समर्थन तय करता है।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन किसी अंत का संकेत नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक शुरुआत है। आने वाले समय में यह आंदोलन किस मुद्दे पर और किस रूप में आगे बढ़ेगा, यह अभी तय नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।