कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। खरगे ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके बारे में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही।
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इससे नए तथा युवा मतदाताओं के पंजीकरण पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के बीच स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से जारी हुए थे। आयोग के अनुसार, SIR के दौरान फॉर्म-6 के साथ जो अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई है, उसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।