झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विधानसभा मार्च के दौरान छात्र नेता देवेंद्र महतो भी एंबुलेंस से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। खास बात यह रही कि उनके साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन की तस्वीर भी थी।
एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में देवेंद्र महतो ने राज्य सरकार पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।
महतो ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और स्वास्थ्य लगातार कमजोर हो रहा है। इसके बावजूद विधानसभा मार्च में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा के रास्ते में लगाए गए कंटीले तारों को देखकर उनके अंदर गुस्सा और बढ़ गया।
सरकार के उस दावे पर भी महतो ने सवाल उठाया, जिसमें छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें माने जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की बची हुई दो फीसदी मांग ही सबसे अहम है। इसमें कथित परीक्षा गड़बड़ी की CBI जांच और CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग शामिल है।
महतो ने कहा कि अगर सरकार छात्रों की मांगों का समर्थन करती तो उन्हें भूख हड़ताल के बीच मार्च में शामिल होने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है और जो भी छात्रों के साथ खड़ा होना चाहता है, उसका स्वागत है।
शिबू सोरेन की तस्वीर साथ रखने के सवाल पर महतो ने संकेत दिया कि अगर सरकार छात्रों की मांगें नहीं मानती, तो इसका राजनीतिक असर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है। उन्होंने कहा कि बदलाव अचानक नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष के जरिए आएगा।