मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। दिए गए विवरण के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी करीब ₹30,200 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
कितना होगा Jio Platforms का वैल्यूएशन?
बताए गए आंकड़ों के अनुसार, प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का इक्विटी वैल्यूएशन करीब ₹9.8 लाख करोड़ से ₹10.3 लाख करोड़ के बीच हो सकता है। नेट डेट एडजस्टमेंट के बाद कंपनी की एंटरप्राइज वैल्यू ₹10.9 लाख करोड़ से ₹11.4 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। इसका मतलब है कि नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम कंपनी को मिलेगी। कंपनी इस पैसे का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा 5G नेटवर्क के विस्तार, नए डेटा सेंटर बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक के विकास पर भी निवेश किया जा सकता है।
कब खुलेगा Jio IPO?
दिए गए विवरण में आईपीओ के लिए 21 से 23 अक्टूबर तक बोली लगाने की तारीख बताई गई है। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित बताई गई है। हालांकि, निवेश करने से पहले इन तारीखों और प्राइस बैंड की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल होने की उम्मीद
प्रस्तावित ₹30,200 करोड़ का आकार इसे भारत के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल कर सकता है। तुलना करें तो Hyundai Motor India का आईपीओ करीब ₹27,859 करोड़ का था।
क्या निवेशकों को लगाना चाहिए दांव?
आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, कर्ज, भविष्य की विकास योजनाओं और बाजार के जोखिमों को समझना जरूरी है। केवल बड़े आईपीओ या चर्चित कंपनी के नाम के आधार पर निवेश का फैसला न लें। अंतिम निर्णय से पहले आधिकारिक दस्तावेज और बाजार विशेषज्ञों की राय जरूर देखें।