दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में अंतरराज्यीय जल विवाद से लेकर लोकसभा सीटों के परिसीमन तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों से जल विवादों को बातचीत और संयुक्त बैठकों के जरिए जल्द सुलझाने की अपील की। दक्षिणी राज्यों ने इस सुझाव का समर्थन किया।
बैठक में परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंता भी सामने आई। कर्नाटक और तमिलनाडु ने मांग की कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखी जाए। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 1971 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाए रखने और महिलाओं के लिए आरक्षण मौजूदा सीटों के भीतर लागू करने का प्रस्ताव रखा।
जल विवादों पर अमित शाह ने कहा कि राज्यों के हितों की रक्षा जरूरी है, लेकिन विवादों के कारण अगर पानी वर्षों तक किसी राज्य तक नहीं पहुंचता और समुद्र में बह जाता है, तो इससे किसी का फायदा नहीं होता। उन्होंने ब्रह्मपुत्र से कावेरी और गोदावरी तक नदियों को जोड़ने की दिशा में काम करने की बात भी कही।
बैठक में मेकेदातु बांध, मुल्लापेरियार बांध और कृष्णा नदी के पानी जैसे मुद्दे भी उठे। हालांकि, कावेरी जल विवाद पर चर्चा नहीं हुई।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा।