कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी को लेकर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अलग-अलग बैनर के तहत विरोध करने वाले छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन के लोगों का मकसद एक है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने के मामले में युवाओं को जेल भेजे जाने की आलोचना की।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अभिजीत दीपके के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजने की कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया।
राहुल गांधी के मुताबिक, नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर को देश के लोगों का स्थान बताते हुए कहा कि इसे फिर हासिल करने की कोशिश की जाएगी।
अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या तिरंगा फहराना अपराध है।
दीपके ने यह भी स्पष्ट किया कि CJP एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह INDIA गठबंधन के खिलाफ है। उनके अनुसार, दोनों का उद्देश्य समान मुद्दों को उठाना है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद हिरासत
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल की सूची में जंतर-मंतर को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में मंगलवार को CJP के नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंचे। आशुतोष रांका और सौरव दास गेट फांदकर परिसर में दाखिल हुए और तिरंगा लहराया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस की ओर से दोनों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के कथित उल्लंघन और जमानत की शर्तें तोड़ने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
CEC के इस्तीफे और SIR पर जारी विवाद
CJP और INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।