कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच नजदीकियों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के लिए हाई टी का आयोजन किया था और CJP को भी इसमें शामिल होने का न्योता देने की कोशिश की गई। हालांकि, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
CJP तक पहुंचने के लिए प्रशांत भूषण ने निभाई भूमिका
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने मंगलवार सुबह CJP से संपर्क करने और उसके नेताओं को राहुल गांधी की हाई टी में बुलाने का फैसला लिया था। इसके लिए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण से मध्यस्थ की भूमिका निभाने और अभिजीत दीपके तक पहुंचने का आग्रह किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, दीपके से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उस समय वह महाराष्ट्र में थे। वहीं, CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका पुलिस हिरासत में थे। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि दीपके इस निमंत्रण को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे।
कांग्रेस को अब भी CJP पर संदेह
CJP मई में सोशल मीडिया ट्रेंड के रूप में सामने आई थी। इसके बाद जून-जुलाई में संगठन ने जंतर-मंतर पर परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन किए। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व का एक हिस्सा अब भी CJP को आम आदमी पार्टी से जुड़ा संगठन या उसका फ्रंट मानता है। ऐसे में CJP को न्योता देना कांग्रेस के रुख में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि इससे दोनों के बीच औपचारिक राजनीतिक गठजोड़ की पुष्टि नहीं होती।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर कांग्रेस की नजर
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक नहीं हो पाया।
रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस का आकलन था कि इस बार CJP बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने में सफल नहीं रही, जबकि जून-जुलाई के प्रदर्शनों में संगठन की मौजूदगी अधिक दिखाई दी थी।
फिलहाल राहुल गांधी की हाई टी के निमंत्रण को लेकर सामने आई जानकारी रिपोर्ट्स और कांग्रेस सूत्रों पर आधारित है। अभिजीत दीपके के शामिल नहीं होने के कारण इस संपर्क का आगे क्या असर होगा, यह स्पष्ट नहीं है।