कई लोगों को बार-बार सिरदर्द होता है, लेकिन वे इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। सिरदर्द के पीछे कई आम कारण हो सकते हैं, जिनमें डिहाइड्रेशन, तनाव, अनियमित खाना, नींद की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन देखना शामिल हैं।
कम पानी पीना
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।
समय पर खाना न खाना
लंबे समय तक खाली पेट रहने या भोजन छोड़ने से भी कुछ लोगों में सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है। नियमित अंतराल पर संतुलित भोजन करना मददगार हो सकता है।
स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल
लंबे समय तक फोन, कंप्यूटर या अन्य स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव पड़ सकता है और सिरदर्द बढ़ सकता है। बीच-बीच में स्क्रीन से ब्रेक लेना बेहतर है।
नींद की कमी और तनाव
कम नींद, मानसिक तनाव और मांसपेशियों में तनाव सिरदर्द के आम ट्रिगर हो सकते हैं। पर्याप्त आराम और तनाव कम करने वाली गतिविधियां मदद कर सकती हैं।
गलत पोश्चर और कैफीन
लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठने से गर्दन और सिर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। वहीं नियमित रूप से ज्यादा कैफीन लेने के बाद अचानक कम करना भी कुछ लोगों में सिरदर्द का कारण बन सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, पहले से ज्यादा तेज हो गया है या सामान्य उपायों से ठीक नहीं हो रहा, तो डॉक्टर से सलाह लें।
अगर सिरदर्द अचानक बेहद तेज हो, या इसके साथ कमजोरी, सुन्नपन, बोलने में परेशानी, बेहोशी, भ्रम, तेज बुखार, गर्दन अकड़ना या नजर में बदलाव जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।