‘₹370 बिरयानी’ विवाद को लेकर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा में दर्ज FIR को एक साथ क्लब करने की मांग की है। सोमवार, 21 सितंबर को चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उनकी याचिका पर केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार से जवाब मांगा।
मोरे की ओर से अदालत में कहा गया कि दोनों FIR एक ही घटना और तथ्यों से जुड़ी हैं, इसलिए अलग-अलग राज्यों में चल रही आपराधिक कार्यवाही को एक साथ किया जाना चाहिए। उनके वकील ने यह भी कहा कि मोरे मामले में ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं।
क्या है ₹370 बिरयानी विवाद?
यह मामला गुरुग्राम में हुए एक स्टैंड-अप शो के दौरान सामने आया था। शो में दर्शक हिमांशु जांगड़ा ने डेट के दौरान ₹370 की चिकन बिरयानी पर खर्च करने के बाद उससे जुड़े एक विवादित अनुभव का जिक्र किया था। इस टिप्पणी पर मोरे की प्रतिक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद उनकी आलोचना शुरू हुई।
विवाद बढ़ने के बाद मोरे ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विवादित वीडियो मोरे की अनुमति के बिना उनकी PR टीम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था और जानकारी मिलने के बाद वीडियो हटा दिया गया था।
महाराष्ट्र में साइबर पुलिस ने मोरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसके बाद गुरुग्राम में भी अलग FIR दर्ज हुई। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र और दोनों राज्यों के जवाब पर आगे की सुनवाई होगी।