संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी सांसदों के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। दोनों पक्ष संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए आमने-सामने आ गए। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षाकर्मी दोनों गुटों के बीच ढाल बनकर खड़े रहे।
विपक्षी सांसद दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब और चर्चा की मांग करते नजर आए। इस दौरान ‘अमित शाह सदन में आओ’ के नारे लगाए गए।
वहीं, NDA सांसदों ने झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेता भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद सांसद लोकसभा पहुंचे। कार्यवाही की शुरुआत हंगामे के साथ हुई, हालांकि वंदे मातरम के दौरान माहौल कुछ देर शांत रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी सदन में पहुंचे, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस और बीजेपी नेताओं ने एक-दूसरे पर संसद का माहौल खराब करने के आरोप लगाए। अब मानसून सत्र खत्म होने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत हैं।