SIR को लेकर जारी विवाद के बीच पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 को लेकर भी चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच सवाल-जवाब तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा के कारण नए मतदाताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया मुश्किल हुई। यह मुद्दा उन आपत्तियों में भी शामिल था, जिनके बारे में रिपोर्ट्स में चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद का जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन Form 6 के साथ आवेदकों से पूछा गया कि उनका, उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में था या नहीं। द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि सेक्शन को अनिवार्य नहीं बताया गया था, लेकिन जवाब दिए बिना ऑनलाइन आवेदन आगे नहीं बढ़ रहा था।
हालांकि चुनाव आयोग ने Form 6 में किसी बदलाव से इनकार किया है। आयोग के अनुसार, मूल Form 6 में परिवर्तन नहीं किया गया, बल्कि SIR के तहत Annexure D के रूप में अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई है। ECI ने इसके लिए 24 जून 2025 के SIR निर्देशों का हवाला दिया।
बाद में आयोग के सूत्रों ने कहा कि Form 6 और इससे संबंधित SIR आदेशों को तीनों चुनाव आयुक्तों ने मंजूरी दी थी। वहीं जयराम रमेश ने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की मांग की है।