SIR Controversy: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और विपक्षी दलों के राजनीतिक अभियान के बीच और तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने हाल ही में कहा कि लाखों नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मनमानी हो सकती है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 326 से जुड़े सवाल खड़े करती है। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण में SIR का सीधे नाम नहीं लिया था।
कांग्रेस ने बुलाई बैठक
जस्टिस भुइयां की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने अपने महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। पार्टी SIR और चुनाव आयोग को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रही है। INDIA ब्लॉक ने भी 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है।
CEC के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर भी सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ताओं ने कथित एकतरफा फैसलों, SIR से जुड़े निर्णयों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की है। चुनाव आयोग इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रख चुका है।
विपक्ष ने तेज किया विरोध
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जस्टिस भुइयां की टिप्पणी का हवाला देते हुए CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई। वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी जस्टिस भुइयां की टिप्पणी की सराहना की। दिल्ली और मुंबई में भी SIR और CEC के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं।