दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत आज 4,000 पात्र महिलाओं को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे हैं। प्रमाण पत्र मिलने के बाद लाभार्थी महिलाओं में खुशी का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि योजना के जरिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों और घरेलू खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में कई महिलाएं ‘धन्यवाद रेखा दीदी, धन्यवाद मोदी’ लिखी तख्तियां लेकर भी पहुंचीं। लाभार्थियों का कहना है कि लंबे समय से आर्थिक सहायता का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए यह योजना राहत लेकर आई है।
हर महीने मिलेगी 2,500 रुपये की सहायता
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने कुल 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। योजना के अनुसार, इसमें 1,000 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल अपनी जरूरत के अनुसार कर सकेंगी।
वहीं, बाकी 1,500 रुपये हर महीने आरडी के रूप में जमा किए जाएंगे। यह राशि तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद लाभार्थी को एकमुश्त दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए महिलाओं को तत्काल आर्थिक सहायता के साथ भविष्य के लिए बचत का लाभ देना है।
1 सितंबर से शुरू होगा भुगतान
सरकार के मुताबिक, दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी। इसके बाद लाभार्थियों को हर महीने निर्धारित आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक योजना के लिए 9 लाख से ज्यादा महिलाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 6 लाख से अधिक महिलाओं को पात्र सूची में शामिल किया जा चुका है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर जोर
दिल्ली सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाना है। हर महीने मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी व्यक्तिगत और घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकेंगी, जबकि आरडी के रूप में जमा होने वाली रकम भविष्य में बड़े खर्चों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
स्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली महिलाओं ने योजना को लेकर खुशी जाहिर की। उनका कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से परिवार के जरूरी खर्चों को संभालने में कुछ राहत मिलेगी।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर सरकार की ओर से लगातार पंजीकरण और पात्रता प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अब 1 सितंबर से भुगतान शुरू होने के साथ लाभार्थी महिलाओं को योजना की वास्तविक आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी।