राजधानी दिल्ली में त्योहारों के सीजन के बीच विरोध प्रदर्शनों को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नवरात्रि से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक और केंद्रीय इलाकों में बड़े विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शनों, ट्रैफिक जाम और मेट्रो सेवाओं में रुकावट के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान की चिंता
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पत्र में कहा कि त्योहारों के दौरान कारोबारियों के लिए बिक्री का यह बेहद अहम समय होता है। नवरात्रि, दिवाली और इसके बाद शादी-ब्याह के सीजन में बाजारों में बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विरोध प्रदर्शनों के कारण होने वाली परेशानियां व्यापार को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
संगठन ने जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट और लुटियंस दिल्ली जैसे इलाकों में बड़े स्तर पर भीड़ जुटने वाले प्रदर्शनों पर रोक लगाने की अपील की है। साथ ही, CTI ने सरकार से दिल्ली के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए एक स्थायी स्थान निर्धारित करने का सुझाव भी दिया है।
कारोबार में 70 फीसदी गिरावट का दावा
CTI के मुताबिक, संगठन की ओर से कराए गए सर्वे में पिछले तीन दिनों के दौरान दिल्ली के बाजारों में कारोबार लगभग 70 फीसदी घटने का दावा किया गया है। संगठन का कहना है कि पहले दिल्ली के बाहर से रोजाना आने वाले दो से तीन लाख ग्राहकों की संख्या घटकर करीब 40 से 50 हजार रह गई है। स्थानीय ग्राहकों की आवाजाही में भी 50 फीसदी से अधिक कमी आने का दावा किया गया है।
CTI का मानना है कि बार-बार मेट्रो स्टेशन बंद होने, यातायात बाधित होने और जाम की वजह से लोग बाजारों में आने से बच रहे हैं। हालांकि, सर्वे के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। फिलहाल, व्यापारियों ने त्योहारों के दौरान बाजारों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।