उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विवाद की एक वजह सपा द्वारा राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर राजभर की टिप्पणी भी है। दोनों ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया था।
अखिलेश यादव ने राजभर के INDIA गठबंधन से जुड़ने के सवाल पर कहा कि जो लोग सपा के वोट से जीते हैं, वे बीजेपी के वोट से कैसे जीतेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी को लेकर भी सवाल उठाए।
इसके जवाब में राजभर ने सपा के PDA फॉर्मूले पर निशाना साधा। उन्होंने राम गोपाल यादव और नथवानी का जिक्र करते हुए PDA की अपनी व्याख्या पेश की और सवाल उठाया कि सपा के उम्मीदवार चयन में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों का प्रतिनिधित्व कहां है।
डिंपल यादव के चुनाव पर भी सवाल
राजभर ने मैनपुरी से डिंपल यादव के निर्विरोध चुने जाने को लेकर भी आरोप लगाए और दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, यह राजभर का आरोप है।
वहीं, राज्यसभा चुनाव के लिए सपा की ओर से राम गोपाल यादव और नथवानी के नामांकन के बाद यूपी की राजनीति में उम्मीदवारों और सामाजिक समीकरण को लेकर बहस तेज हो गई है।