UPI से रोजाना पेमेंट करने वालों के लिए चार्ज को लेकर एक अहम सवाल सामने आ रहा है। सरकार के नए आदेश के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर कोई चार्ज नहीं लगा सकते। ऐसे में अगर पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा हो तो क्या ग्राहक को अतिरिक्त पैसे देने होंगे? आइए समझते हैं पूरा गणित।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़े कारोबारियों के ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% तक MDR लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। हालांकि, यह चार्ज ग्राहक से सीधे वसूलने की बात नहीं है।
अगर ₹2,500 के पेमेंट पर 0.3% MDR लागू होता है, तो गणना होगी:
₹2,500 × 0.3% = ₹7.50
यानी ₹7.50 का MDR बनेगा। ग्राहक के बैंक खाते या UPI ऐप से फिर भी पूरे ₹2,500 ही कटेंगे। इस उदाहरण में चार्ज व्यापारी के खाते से जाएगा। उसे ₹2,500 के बजाय ₹2,492.50 प्राप्त होंगे।
सरकार का जोर छोटे और रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट को मुफ्त रखने पर है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में P2M UPI ट्रांजैक्शन का बड़ा हिस्सा ₹2,000 से कम का रहा है। हालांकि, प्रस्तावित MDR को लेकर अंतिम नियम और उसकी वास्तविक लागू होने की स्थिति आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।