अयोध्या के राम मंदिर में 4 करोड़ रुपये का दान देने वाली चेन्नई की महिला श्रद्धालु एस. नागलक्ष्मी अब मुश्किल में फंसती नजर आ रही हैं। मंदिर ट्रस्ट को दिया गया उनका 4 करोड़ रुपये का चेक बैंक में जमा होने के बाद बाउंस हो गया। बताया जा रहा है कि महिला के बैंक खाते में उस वक्त सिर्फ 3 रुपये थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, नागलक्ष्मी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को यह चेक मंदिर के कर्मचारियों के वेतन और उनकी सुविधाओं के लिए दिया था। इसके साथ उन्होंने रामलला के दर्शन के दौरान अलग से 10 हजार रुपये का दान भी दिया था, जिसकी रसीद भी ली गई थी।
महिला ने कथित तौर पर यह शर्त रखी थी कि 4 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल सिर्फ मंदिर के कर्मचारियों की सुविधाओं पर किया जाए। लेकिन खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण चेक क्लियर नहीं हो सका।
अब इस मामले में बैंक की ओर से नोटिस की कार्रवाई की बात सामने आ रही है। कानूनी तौर पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस होने पर Negotiable Instruments Act की धारा 138 लागू हो सकती है। दोष साबित होने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
ऐसे में अब सवाल यही है कि आखिर खाते में पैसे नहीं होने के बावजूद महिला ने 4 करोड़ रुपये का चेक क्यों जारी किया?