भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील की बातचीत अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। हालांकि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने साफ किया है कि समझौते की घोषणा अभी तत्काल होने वाली नहीं है। उनके मुताबिक दोनों देशों ने उन मुद्दों की पहचान कर ली है, जिन पर अभी सहमति बनना बाकी है।
ग्रीर ने कहा कि भारत और अमेरिका समझौते को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और बातचीत अब आखिरी दौर में है। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई चर्चा को भी सकारात्मक बताया। दोनों देशों के अधिकारी बाकी मुद्दों को सुलझाने में जुटे हैं।
मोदी-ट्रंप की फिर हो सकती है बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 30 सितंबर को फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों समेत द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के मुताबिक, दोनों नेता जल्द ही एक बार फिर फोन पर बातचीत कर सकते हैं और ट्रेड डील की प्रगति पर चर्चा कर सकते हैं।
क्या है भारत की चिंता?
भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसे उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उचित कारोबारी अवसर मिले। भारत की ओर से ASEAN देशों, चीन और बांग्लादेश जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा का मुद्दा उठाया गया है। फिलहाल दोनों पक्ष बचे हुए व्यापारिक मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।