भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा जताया है कि दोनों देश जल्द ही ट्रेड डील को अंतिम रूप दे सकते हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों को टैरिफ में राहत देने संबंधी ऐलान को भी द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
सीतारमण ने ट्रेड डील पर क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए समझौते पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं।
उनके मुताबिक, भारत की ओर से भी समझौते को जल्द पूरा करने की इच्छा जताई गई है। हालांकि, बातचीत जारी रहने के कारण डील की अंतिम तारीख और सभी शर्तों को लेकर अभी स्पष्टता जरूरी है।
ट्रंप के ऐलान से क्या बदलेगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों को टैरिफ से राहत देने का ऐलान किया है। रूस से ऊर्जा आयात को लेकर भारत और अमेरिका के बीच पहले तनाव देखने को मिला था। ऐसे में टैरिफ संबंधी राहत के संकेत दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि, इस घोषणा का भारत पर वास्तविक असर संबंधित आदेश की शर्तों और उसके दायरे पर निर्भर करेगा। इसे ट्रेड डील पर अंतिम सहमति नहीं माना जा सकता।
पीयूष गोयल ने दिया था बातचीत का अपडेट
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण को लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है और कानूनी मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
अब किन बातों पर रहेगी नजर?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत शुल्क, बाजार तक पहुंच और दोनों देशों के कारोबारियों के हित जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होंगे। समझौते पर हस्ताक्षर और उसके लागू होने की समयसीमा स्पष्ट होने के बाद ही इसके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल, दोनों देशों के बीच जारी बातचीत पर सबकी नजर है।