Pakistan Saudi Arabia News: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सऊदी अरब में अतिरिक्त पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती के लिए सहमति जताई है। बताया जा रहा है कि यह कदम सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच उठाया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सरकार की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता बना वजह
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच रक्षा सहयोग से जुड़ा समझौता इस घटनाक्रम की अहम कड़ी है। बताया गया है कि मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट पर अगस्त में हस्ताक्षर किए गए थे और यह 5 अक्टूबर 2026 को लागू हुआ। इससे पहले पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए समझौते के तहत मई तक सऊदी अरब में लगभग 8,000 पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने कहा कि इस समझौते से जुड़ी सभी जरूरी सरकारी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सैनिकों की तैनाती के फैसले में कैबिनेट या संसद की क्या भूमिका रही। उन्होंने तैनाती से संबंधित विवरण को गोपनीय सैन्य जानकारी बताया।
संसद की भूमिका पर उठे सवाल
पाकिस्तान की संसद ने 2015 में यमन संघर्ष में शामिल होने से सेना को दूर रखने के पक्ष में फैसला किया था। ऐसे में सऊदी अरब में अतिरिक्त सैनिक भेजने की संभावित योजना को लेकर राजनीतिक और संवैधानिक सवाल उठ रहे हैं।
अटलांटिक काउंसिल के दक्षिण एशिया विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन के मुताबिक, पाकिस्तान में संसद की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है और सेना की भूमिका अधिक प्रभावशाली दिखाई देती है। हालांकि, सैनिकों की नई तैनाती की पूरी जानकारी और फैसले की प्रक्रिया पर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार है।